हित वचन


इंसान कित्नाही बुरा क्यूँ ना हो , भगवन उसे गलती सुदारने के लिए एक फरिश्ता भेजता है।

लेकिन वो लोग अपनी गलती सुदारे  बगैर फरीस्थों को भी अपने कर्मों से दुख पोहुचाते है।

मौका तो एक ही बार मिलता है। जो सुदर गए वोह सुदार्जाते है , और जो नहीं सुदर्ते उनको खुद भगवन भी नहीं बचा सकता है।

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ವರ್ಷಧಾರೆ

ಸರ-ಸರನೆ ಹರಿದು ಬರುತ್ತಿರುವ ವರ್ಷಧಾರೆಗೆ ಬೇಲಿಯ ಕಟ್ಟಲಾದೀತೆ....? ನೀರು ತುಂಬಿ ಹರಿಯುವ ನದಿಯನು ಹರಿಯುವುದನ್ನು ನಿಲ್ಲಿಸಲಾದೀತೆ....? ಒಲಿದು ಬಂದ...