Tuesday, July 01, 2008

अर्मन

आपके हसी से फूल बरसे,

जलक पाने की हर दिल तरसे,

आपकी ख़ूबसूरती आपको अंदाज़ा नही,

अँधा भी आपको हर पल देखने को तरसे...!
ग़ुस्से में भी आपकी शान है,

तेवर तो आपकी किसिकि जान है,

तीर आपकी नज़र की चीरदे हमको,

ऐसा ही कुछ अपने दिल के अर्मन है...!

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